Maha Mrityunjaya Mantra
॥ जाप ॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
॥ जाप ॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
॥Shri Rudrashtakam॥ Namaam-Iisham-Iishaana Nirvaanna-RupamVibhum Vyaapakam Brahma-Veda-Svarupam ।Nijam Nirgunnam Nirvikalpam NiriihamCidaakaasham-Aakaasha-Vaasam Bhaje-Aham ॥1॥ Niraakaaram-Ongkara-Muulam TuriiyamGiraa-Jnyaana-Go-Atiitam-Iisham GiriishamKaraalam Mahaakaala-Kaalam KrpaalamGunna-Aagaara-Samsaara-Paaram Nato-Aham ॥2॥ Tussaara-Adri-Samkaasha-Gauram GabhiramMano-Bhuuta-Kotti-Prabhaa-Shrii Shariiram ।Sphuran-Mauli-Kallolinii Caaru-GanggaaLasad-Bhaala-Baale-Indu Kanntthe Bhujanggaa ॥3॥ Calat-Kunnddalam Bhruu-Sunetram VishaalamPrasanna-Aananam Niila-Kannttham Dayaalam ।Mrga-Adhiisha-Carma-Ambaram Munndda-MaalamPriyam Shangkaram Sarva-Naatham Bhajaami ॥4॥ Pracannddam Prakrssttam Pragalbham Pare-IishamAkhannddam Ajam Bhaanu-Kotti-Prakaasham ।Tryah-Shuula-Nirmuulanam Shuula-PaannimBhaje-Aham Bhavaanii-Patim Bhaava-Gamyam ॥5॥ Kalaatiita-Kalyaanna Kalpa-Anta-KaariiSadaa Sajjana-Aananda-Daataa Pura-Arii ।Cid-Aananda-Samdoha Moha-ApahaariiPrasiida… Continue reading Shri Rudrashtakam (श्री रुद्राष्टकम्)
ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो,गुण के आगार सत्यम् शिवम् सुंदरम्,कर में डमरू लसे चंद्रमा भाल पर,हो निराकार सत्यम् शिवम् सुंदरम् ॥हैं जटा बीच मंदाकिनी की छटा,मुंडमाला गले बीच शोभित महा,कंठ में माल विषधर लपेटे हुए,करके सिंगार सत्यम् शिवम् सुंदरम् ॥ बैठे कैलाश पर्वत पर आसन लगा,भस्म तन पर हो अपने लगाए हुए,है तुम्हारी… Continue reading ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो – भजन (Om Mahakal Ke Kal Tum Ho Prabhu)
आशुतोष शशाँक शेखर,चन्द्र मौली चिदंबरा,कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,कोटि नमन दिगम्बरा ॥निर्विकार ओमकार अविनाशी,तुम्ही देवाधि देव,जगत सर्जक प्रलय करता,शिवम सत्यम सुंदरा ॥ निरंकार स्वरूप कालेश्वर,महा योगीश्वरा,दयानिधि दानिश्वर जय,जटाधार अभयंकरा ॥ शूल पानी त्रिशूल धारी,औगड़ी बाघम्बरी,जय महेश त्रिलोचनाय,विश्वनाथ विशम्भरा ॥ नाथ नागेश्वर हरो हर,पाप साप अभिशाप तम,महादेव महान भोले,सदा शिव शिव संकरा ॥ जगत पति अनुरकती भक्ति,सदैव… Continue reading शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर (Shiv Stuti: Ashutosh Shashank Shekhar)
ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा।ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा ॥ॐ जय शिव ओंकारा…॥ एकानन चतुराननपंचानन राजे ।हंसासन गरूड़ासनवृषवाहन साजे ॥ॐ जय शिव ओंकारा…॥ दो भुज चार चतुर्भुजदसभुज अति सोहे ।त्रिगुण रूप निरखतेत्रिभुवन जन मोहे ॥ॐ जय शिव ओंकारा…॥ अक्षमाला वनमाला,मुण्डमाला धारी ।चंदन मृगमद सोहै,भाले शशिधारी ॥ॐ जय शिव ओंकारा…॥ श्वेताम्बर पीताम्बरबाघम्बर अंगे ।सनकादिक गरुणादिकभूतादिक… Continue reading शिव आरती – ॐ जय शिव ओंकारा (Shiv Aarti – Om Jai Shiv Omkara)
ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं,वन्दे जगत्कारणम् ।वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं,वन्दे पशूनां पतिम् ॥वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं,वन्दे मुकुन्दप्रियम् ।वन्दे भक्त जनाश्रयं च वरदं,वन्दे शिवंशंकरम् ॥ Om Vande Dev Uma Pati Surguru,Vande Jagatkarnam ।Vande Pannagbhoshan Mrugdhar,Vande Pashona Pathim ॥Vande Surya Shashank Vahni Nayan,Vande Mukundpriyam ।Vande Bhakt Jana-ashraya Cha Varadam,Vande Shiv-shankaram ॥
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥ मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय,नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय ।मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय,तस्मै म काराय नमः शिवाय ॥२॥ शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द,सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय,तस्मै शि काराय नमः शिवाय ॥३॥ वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य,मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय।चन्द्रार्क वैश्वानरलोचनाय,तस्मै व काराय नमः शिवाय ॥४॥ यक्षस्वरूपाय जटाधराय,पिनाकहस्ताय सनातनाय ।दिव्याय देवाय दिगम्बराय,तस्मै य काराय नमः शिवाय ॥५॥ पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः… Continue reading शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र (Shiv Panchakshar Stotram Mantra)