Chitragupt Ji Ki Aarti
ॐ जय चित्रगुप्त हरे,स्वामीजय चित्रगुप्त हरे ।भक्तजनों के इच्छित,फलको पूर्ण करे॥ विघ्न विनाशक मंगलकर्ता,सन्तनसुखदायी ।भक्तों के प्रतिपालक,त्रिभुवनयश छायी ॥ॐ जय चित्रगुप्त हरे…॥ रूप चतुर्भुज, श्यामल मूरत,पीताम्बरराजै ।मातु इरावती, दक्षिणा,वामअंग साजै ॥ॐ जय चित्रगुप्त हरे…॥ कष्ट निवारक, दुष्ट संहारक,प्रभुअंतर्यामी ।सृष्टि सम्हारन, जन दु:ख हारन,प्रकटभये स्वामी ॥ॐ जय चित्रगुप्त हरे…॥ कलम, दवात, शंख, पत्रिका,करमें अति सोहै ।वैजयन्ती… Continue reading Chitragupt Ji Ki Aarti