Ganpati

 
Siddhivinayak Ji Ki Aarti

सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची ।नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ।सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची ।कंठी झलके माल मुकताफळांची ।जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय मंगल मूर्ति ।दर्शनमात्रे मनः,कामना पूर्तिजय देव जय देव ॥ रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा ।चंदनाची उटी कुमकुम केशरा ।हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा ।रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया ।जय देव… Continue reading Siddhivinayak Ji Ki Aarti