Guruwar Aarti

 
Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti

जय वृहस्पति देवा,ऊँ जय वृहस्पति देवा ।छिन छिन भोग लगा‌ऊँ,कदली फल मेवा ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ तुम पूरण परमात्मा,तुम अन्तर्यामी ।जगतपिता जगदीश्वर,तुम सबके स्वामी ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ चरणामृत निज निर्मल,सब पातक हर्ता ।सकल मनोरथ दायक,कृपा करो भर्ता ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ तन,… Continue reading Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti