Hari

 
Shri Ram Stuti

॥दोहा॥श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमनहरण भवभय दारुणं ।नव कंज लोचन कंज मुखकर कंज पद कंजारुणं ॥१॥ कन्दर्प अगणित अमित छविनव नील नीरद सुन्दरं ।पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचिनोमि जनक सुतावरं ॥२॥ भजु दीनबन्धु दिनेश दानवदैत्य वंश निकन्दनं ।रघुनन्द आनन्द कन्द कोशलचन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥ शिर मुकुट कुंडल तिलकचारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।आजानु भुज शर चाप धरसंग्राम… Continue reading Shri Ram Stuti

Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti

जय वृहस्पति देवा,ऊँ जय वृहस्पति देवा ।छिन छिन भोग लगा‌ऊँ,कदली फल मेवा ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ तुम पूरण परमात्मा,तुम अन्तर्यामी ।जगतपिता जगदीश्वर,तुम सबके स्वामी ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ चरणामृत निज निर्मल,सब पातक हर्ता ।सकल मनोरथ दायक,कृपा करो भर्ता ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ तन,… Continue reading Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti

Shri Jagdish Ji Ki Aarti

ॐ जय जगदीश हरे,स्वामी जय जगदीश हरे ।भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,क्षण में दूर करे ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ जो ध्यावे फल पावे,दुःख बिनसे मन का,स्वामी दुःख बिनसे मन का ।सुख सम्पति घर आवे,सुख सम्पति घर आवे,कष्ट मिटे तन का ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ मात पिता तुम मेरे,शरण गहूं किसकी,स्वामी शरण… Continue reading Shri Jagdish Ji Ki Aarti

Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti

जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।सत्यनारायण स्वामी,जन पातक हरणा ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । रत्‍‌न जडि़त सिंहासन,अद्भुत छवि राजै ।नारद करत निराजन,घण्टा ध्वनि बाजै ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । प्रकट भये कलि कारण,द्विज को दर्श दियो ।बूढ़ा ब्राह्मण बनकर,कंचन महल कियो ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी… Continue reading Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti