Lakshmi

 
Radha Rani Ji Ki Aarti

आरती श्री वृषभानुसुता की,मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥ त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि,विमल विवेकविराग विकासिनि ।पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि,सुन्दरतम छवि सुन्दरता की ॥॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥ मुनि मन मोहन मोहन मोहनि,मधुर मनोहर मूरति सोहनि ।अविरलप्रेम अमिय रस दोहनि,प्रिय अति सदा सखी ललिता की ॥॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥ संतत सेव्य सत मुनि जनकी,आकर… Continue reading Radha Rani Ji Ki Aarti

Janaki Mata Ji Ki Aarti

॥ जानकी माता आरती ॥आरती कीजै श्रीजनक लली की।राममधुपमन कमल कली की॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥ रामचन्द्र, मुखचन्द्र चकोरी।अन्तर साँवर बाहर गोरी।सकल सुमन्गल सुफल फली की॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥ पिय दृगमृग जुग-वन्धन डोरी,पीय प्रेम रस-राशि किशोरी।पिय मन गति विश्राम थली की॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥ रूप-रास गुननिधि जग स्वामिनि,प्रेम प्रवीन राम… Continue reading Janaki Mata Ji Ki Aarti

Lakshmi Mata Ji Ki Aarti

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।हरि प्रिये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं च सर्वदे ।सर्वभूत हितार्थाय,वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता ।तुमको निसदिन सेवत,हर विष्णु विधाता ॥ उमा, रमा, ब्रम्हाणी,तुम ही जग माता ।सूर्य चद्रंमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता ॥॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ दुर्गा रुप निरंजनि,सुख-संपत्ति दाता ।जो कोई तुमको ध्याता,ऋद्धि-सिद्धि धन… Continue reading Lakshmi Mata Ji Ki Aarti