ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो – भजन (Om Mahakal Ke Kal Tum Ho Prabhu)
ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो,गुण के आगार सत्यम् शिवम् सुंदरम्,कर में डमरू लसे चंद्रमा भाल पर,हो निराकार सत्यम् शिवम् सुंदरम् ॥हैं जटा बीच मंदाकिनी की छटा,मुंडमाला गले बीच शोभित महा,कंठ में माल विषधर लपेटे हुए,करके सिंगार सत्यम् शिवम् सुंदरम् ॥ बैठे कैलाश पर्वत पर आसन लगा,भस्म तन पर हो अपने लगाए हुए,है तुम्हारी… Continue reading ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो – भजन (Om Mahakal Ke Kal Tum Ho Prabhu)