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आरती श्री वृषभानुसुता की,मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥ त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि,विमल विवेकविराग विकासिनि ।पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि,सुन्दरतम…
॥ जानकी माता आरती ॥आरती कीजै श्रीजनक लली की।राममधुपमन कमल कली की॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥ रामचन्द्र, मुखचन्द्र चकोरी।अन्तर…
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।हरि प्रिये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं च सर्वदे ।सर्वभूत हितार्थाय,वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥ ॐ जय…