Showing 9 sacred texts
सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ पान सुपारी ध्वजा नारियल ।ले तेरी भेंट चढ़ायो माँ…
अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली ।तेरे ही गुण गाये भारती,ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥…
जगजननी जय! जय!!माँ! जगजननी जय! जय!!भयहारिणि, भवतारिणि,माँ भवभामिनि जय! जय ॥जगजननी जय जय..॥ तू ही सत-चित-सुखमय,शुद्ध ब्रह्मरूपा ।सत्य सनातन सुन्दर,पर-शिव…
नमामि गंगे ! तव पाद पंकजम्,सुरासुरैः वंदित दिव्य रूपम् ।भक्तिम् मुक्तिं च ददासि नित्यं,भावानुसारेण सदा नराणाम् ॥ हर हर गंगे,…
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।हरि प्रिये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं च सर्वदे ।सर्वभूत हितार्थाय,वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥ ॐ जय…
जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता ।सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता ॥जय जय सरस्वती माता…॥ चन्द्रवदनि पद्मासिनि,द्युति मंगलकारी ।सोहे शुभ हंस…
नमो नमो दुर्गे सुख करनी ।नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी ॥निरंकार है ज्योति तुम्हारी ।तिहूँ लोक फैली उजियारी ॥शशि ललाट…
जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ।अपने सेवक जन की,सुख सम्पति दाता ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥…
जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ॐ जय अम्बे गौरी..॥ मांग सिंदूर विराजत,टीको मृगमद को…