श्रीराजोवाच
स्वायम्भुवस्येह गुरो वंशोऽयं विस्तराच्छ्रुतः
यत्र विश्वसृजां सर्गो मनूनन्यान्वदस्व नः
राजा परीक्षित्ने पूछा-गुरुदेव! स्वायम्भुव मनुका वंश-विस्तार मैंने सुन लिया। इसी वंशमें उनकी कन्याओंके द्वारा मरीचि आदि प्रजापतियोंने अपनी वंशपरम्परा चलायी थी। अब आप हमसे दूसरे मनुओंका वर्णन कीजिये ।।१।।
King Parikshit asked – Teacher! I have heard of the Swyambhuv Manuva Vamsha expansion. In this lineage, through their daughters, Marichi and other Prajapatis continued their lineage. Now you tell us about the other Manus..